Endlich naht sich - O säume länger nicht : Rezitativ und Arie der Susanna aus: "Die Hochzeit des Figaro"
मुख्य लेखक: | |
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स्वरूप: | पुस्तक |
भाषा: | German |
प्रकाशित: |
Berlin :
Lienau,
o.J.
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संस्करण: | Gesang und Klavier |
श्रृंखला: | Operngesänge
150 |
विषय: |
भौतिक वर्णन: | 7 S. 4° |
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बोधानक: | MA 200 Moza |